फोन और टेबलेट पर अवांछित ऐड्स से बचाव
स्कूल में प्रोजेक्टर, मिररिंग और डिजिटल पढ़ाई के दौरान सुरक्षा के आसान उपाय
समस्या क्या है?
इस समय स्कूल में टेबलेट, मोबाइल, प्रोजेक्टर मिररिंग आदि से पढ़ाने का चलन बढ़ रहा है। लेकिन कभी-कभी किसी लिंक पर जाने पर सर्वर अवांछित ऐड पर रीडायरेक्ट कर देता है। इससे आपके फोन या टेबलेट पर कुकीज के माध्यम से अवांछित ऐड्स आने लगते हैं। अगर आप नेट के होशियार नहीं हैं, तो यह असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
आसान उपाय: प्राइवेट DNS का उपयोग
जिससे बचने के कई उपाय हैं, उनमें से एक आसान उपाय ऐड ब्लॉकर का है। लेकिन सभी फोन में एक बिल्ट-इन तरीका भी है - प्राइवेट DNS। यह लगभग सभी सेटिंग्स में उपलब्ध है (ज्यादातर नेटवर्क सेटिंग्स में)।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड (सैमसंग फोन के उदाहरण से):
- फोन की सेटिंग्स खोलें और सर्च बार में DNS टाइप करें।
- Private DNS का ऑप्शन दिखेगा, उसे खोलें।
- तीसरा ऑप्शन चुनें: Private DNS provider hostname।
- अब होस्टनेम डालें:
- सामान्य ऐड्स रोकने के लिए:
dns.adguard.com - सभी प्रकार के ऐड्स (कंपनी, एडल्ट आदि) रोकने के लिए:
dns-family.adguard.com
- सामान्य ऐड्स रोकने के लिए:
- इसे कॉपी-पेस्ट करें और Save करें।
अब आपका फोन या टेबलेट सुरक्षित हो जाएगा। बच्चे या कोई परिचित फोन इस्तेमाल करे, तो अवांछित ऐड्स से बचाव होगा। मूवी डाउनलोड करते समय भी रीडायरेक्ट नहीं होगा।
महत्वपूर्ण सलाह:
- बच्चों को फेसबुक ऐप बिल्कुल न इस्तेमाल करने दें। यूट्यूब या शॉर्ट वीडियो ऐप्स की बजाय YouTube Kids ऐप यूज करें।
- स्कूल में प्रोजेक्टर मिररिंग के दौरान जो दिखाना हो, उसे पहले डाउनलोड करके दिखाएं।
- ये प्लेटफॉर्म्स एडल्ट और हिंसात्मक कंटेंट भेज सकते हैं, जो बच्चों के लिए हानिकारक है।
अन्य उपयोगी ट्रिक्स
1. ब्राउजर में ऐड ब्लॉकर इंस्टॉल करें
क्रोम या फायरफॉक्स में uBlock Origin एक्सटेंशन लगाएं। यह फ्री है और 99% ऐड्स ब्लॉक करता है। स्कूल के ब्राउजर पर भी आसानी से सेटअप हो जाता है।
2. सेफ ब्राउजिंग इनेबल करें
गूगल क्रोम में सेटिंग्स > प्राइवेसी > सेफ ब्राउजिंग को Enhanced पर सेट करें। यह खतरनाक साइट्स और रीडायरेक्ट्स को ऑटो-ब्लॉक करता है।
3. पैरेंटल कंट्रोल्स का उपयोग
एंड्रॉयड पर Family Link ऐप या iOS पर Screen Time इनेबल करें। ऐप्स लिमिट सेट करें और वेब फिल्टर्स लगाएं ताकि बच्चे सुरक्षित रहें।
4. VPN के साथ ऐड ब्लॉकिंग
फ्री VPN जैसे ProtonVPN यूज करें, जो बिल्ट-इन ऐड ब्लॉकर देते हैं। स्कूल नेटवर्क पर भी काम करता है, लेकिन स्पीड चेक करें।
5. सॉफ्टवेयर अपडेट रखें
फोन, ऐप्स और ब्राउजर को हमेशा अपडेट रखें। पुराने वर्जन में सिक्योरिटी होल्स होते हैं जो ऐड्स और वायरस के लिए दरवाजा खोलते हैं।
6. संदिग्ध लिंक्स से बचें
लिंक्स पर क्लिक करने से पहले URL चेक करें। स्कूल में शेयरिंग के दौरान हमेशा विश्वसनीय सोर्स यूज करें।
अधिक जानकारी के लिए
इससे संबंधित कोई जानकारी के लिए basicsamachaar.blogspot.com पर जाएं या ईमेल पर संपर्क करें।
